Poems / कविताए

तो क्या हुआ

तो क्या हुआ मोहब्बत अधूरी रह गयी,
ज़िंदगी भर बेशुमार इश्क़ करना सीखा गए,

तो क्या हुआ ख्वाइशें पूरी ना हुई,
दिल में हज़ारों अरमान जगा कर के गए,

तो क्या हुआ साथ में मुस्करा ना सके
अकेले में मुस्कराना सीखा गए,

तो क्या हुआ आंखों में आंसू दे गए,
आंसुओ की कीमत बता गए,

तो क्या हुआ साथ निभा ना पाए,
दिल में यादों की तसवीर दे गए,

तो क्या हुआ इश्क़ को मुक्कमल कर ना पाए,
रूह मैं बसेरा कर के गए,

तो क्या हुआ हम मिल ना पाए,
ज़िंदगी भर इंतज़ार करने की वजह दे गए,

जाते जाते ये कह गए,
ज़िंदगी में अगर सब कुछ मिल जाये,
तो तमन्ना किसकी करोगे
कुछ अधूरी ख्वाइशें ही
ज़िंदगी जीने की वजह देती है…….

-अज्ञात 

Leave a Reply