Asim Bakshi

मेरा दिल मेरी राजधानी है !!!

राज करता हूँ में अपने दिल पे
मेरा दिल मेरी राजधानी है

बसते है इसमें कुछ दोस्त
कुछ शरारती कुछ तूफानी है

गलियां इसकी फूलो से भरी है
जैसे कोई खूबसूरत फूलदानी है

पुराने घर में बसता है बचपन
दरवाज़े पर खड़ी जवानी है

बातें करती है ज़िन्दगी
बोहोत यह दीवानी है

शाम आती है लेकर रंगीनिया
अदाएं इसकी सुहानी है

राज़ कोई नहीं है राजधानी में
खुले सब किस्से सब कहानी है

एक तालाब भी है शहर में
इसे कहते आँखों का पानी है

नक्शा बोहोत सीधा सादा है
कौन सी सड़के अनजानी है ?

राज करता हूँ में अपने दिल पे
मेरा दिल मेरी राजधानी है !!!

-आसिम !!!

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