Day: October 22, 2019

रोशन है

तसव्वुर से उस के मेरा आशियाँ रोशन है, जैसे की इस सेहरा में एक दरिया रोशन है । कल की फ़िक्र क्यूं करेगा, अंधेरों में भी वो, उस गरीब के चूल्हे में तो आसमां रोशन है । पुकार लेती है अपनी मां को अक्सर दर्द में, दुल्हन के […]