Month: April 2019

अहंकार

महाकवि कालिदास अपने समय के महान विद्वान थे। उनके कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था। शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था। अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर एक बार कालिदास को अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया। उन्हें लगा कि उन्होंने विश्व का सारा […]

महामृत्युंजय मंत्र की रचना कैसे हुई?

शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्डु ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे । विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था । मृकण्डु ऋषि ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं । इसलिए क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्नकर यह विधान बदलवाया जाए । मृकण्डु […]

विष्णु जी और लक्ष्मीजी संवाद

लक्ष्मी जी : सारा संसार पैसे (मेरे) से चल रहा है, अगर मैं नहीं तो कुछ नहीं ……. विष्णु जी (मुस्कुरा के) : सिद्ध करके दिखाओ . लक्ष्मी जी ने पृथ्वी पर एक शवयात्रा का दृश्य दिखया – जिसमे लोग शव पर पैसा फेंक रहे थे, कुछ लोग उस […]

भाग्य से ज्यादा  और… समय से पहले न किसी को कुछ मिला है और न मीलेगा!

एक सेठ जी थे – जिनके पास काफी दौलत थी. सेठ जी ने अपनी बेटी की शादी एक बड़े घर में की थी. परन्तु बेटी के भाग्य में सुख न होने के कारण उसका पति जुआरी, शराबी निकल गया. जिससे सब धन समाप्त हो गया. बेटी की यह हालत देखकर […]