Month: May 2014

Shayri part 19

पुरानी होकर भी खास होते जा रही है, मोहब्बत बेशरम है बेहिसाब होते जा रही है। ******** कमबख्त इस दिल को हारने की आदत हो गयी है! वरना हमने जहाँ भी दिमाग लगाया फ़तेह ही पाई है!! ******** उसने रात के अँधेरे में मेरी हथेली पे नाजुक सी […]

Shayri part 18

Maut pe bhi mujhe Yakeen hai, Tum per bhi Aitbar hai, Dekhna hai pehle kaun Aata hai, Humien dono ka Intizar hai… ******** Hazaron aib he mujh me,,mujhe maloom he lekin… koi ek shaks he aisa,,, jo mujhe anmol kehta he… ******** Ye Doriyan To Mita Doon Mein […]

“माँ”

………………….”माँ”………………. माँ- दुःख में सुख का एहसास है, माँ – हरपल मेरे आस पास है । माँ- घर की आत्मा है, माँ- साक्षात् परमात्मा है । माँ- आरती, अज़ान है, माँ- गीता और कुरआन है । माँ- ठण्ड में गुनगुनी धूप है, माँ- उस रब का ही एक […]

Shayri part 17

ऐसी तकदीर न पाई थी कि तुमको पा सकता… ऐसी याद्दाश्त न मिली थी कि तुमको भुला सकता.. ******* कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर! ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर! ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने! इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा […]