Day: April 26, 2014

.. . बिक न जाए

बिक गयी है धरती , गगन बिक न जाए , बिक रहा है पानी,पवन बिक न जाए , चाँद पर भी बिकने लगी है जमीं ., डर है की सूरज की तपन बिक न जाए , हर जगह बिकने लगी है स्वार्थ नीति, डर है की कहीं धर्म […]