Day: March 8, 2014

Shayri part 5

रास्ते कहाँ ख़त्म होते हैं जीन्दगी के सफ़र में, मंजील तो वहीँ है जहां ख्वाहिशे थम जाए ! ******** कितना कुछ जानता होगा वो सख्श मेरे बारे में; मेरे मुस्कुराने पर भी जिसने पूछ लिया कि तुम उदास क्यूँ हो ? ******** जी भरके रोते है तो करार […]