SELF / स्वयं

साल निकल रहे हैं ..

साल निकल रहे हैं ..
कुछ नया होता है..
कुछ पुराना पीछे रह जाता है…
कुछ ख्वाईशैं दिल मैं रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं …
कुछ छौड कर चले गये.. उम्मीद है कुछ नये जुड़ेंगे, जीवन के इस सफर में..
कुछ मुझसे खफा हैं..
कुछ मुझसे खुश भी होंगे
कुछ मुझे भूल गये…
कुछ मुझे याद भी करते होंगे.
कुछ शायद अनजान हैं
और कुछ मुझसे बहुत परेशान भी होंगे..
कुछ को मेरा इंतज़ार होंगा. कुछ का मुझे इंतज़ार करना होंगा.
मुझ में अगर कुछ सही है तो ज़रूर कुछ गलत भी होंगा।
इसीलिए जाते हुए
वर्ष के अंतिम पलों
में दोस्तों मेरी
आपसे गुज़ारिश है कि –
“मुझसे कोई गलती हो गई हो तो माफ कीजिये और कुछ अच्छा लगे तो युंही याद करते रहीये!” ❤

Categories: SELF / स्वयं, Very Nice

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